84 हज़ार मरीज़ नहीं करीबन 6.4 लाख कोरोना पीड़ित थे चीन में

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एक खबर प्राप्त हुई है जिसमे चीन में असली कोरोना पीड़ितों की संख्या छुपाने की बात सामने आई है | गौरतलब है कि यह बात काफी समय से उठ रही है परंतु कोई ऐसा प्रमाण नहीं था जिससे यह साबित किया जा सके | परंतु सूत्रों से पता चला है कि चीन में 84 हज़ार मरीज़ नहीं थे और यह जानकारी गलत है क्योंकि असलियत में वहां 6.4 लाख पीड़ित थे | ऐसा पता चला है कि नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ़ डिफेन्स टेक्नोलॉजी जो आर्मी के संरक्षण में चलती है उसका डाटा लीक हुआ है |

 

यह जो डाटा प्राप्त हुआ है उसके अनुसार चीन में जब कोरोना महामारी अपने पूरे जोर पर थी तब वहां मरीजों की संख्या 6.4 लाख से भी अधिक थी |  परंतु चीन द्वारा केवल 84 हज़ार मामलो की जानकारी दी गयी थी | यह डाटा 230 शहरों का है यहाँ एंट्रीज़ में कन्फर्म केस, स्थान और दिनांक मौजूद है | यह डाटा फ़रवरी माह से अंतिम अप्रैल माह तक का है |

 

डाटा में नाम नहीं हैं-

यह डाटा पूरी तरह से सार्वजनिक संसाधनों की मदद से इकट्ठा किया गया है और ऐसा माना जा रहा है की संख्या कम भी हो सकती है या फिर ज्यादा भी हो सकती है | यूनिवर्सिटी की साईट पर भी जो डाटा मौजूद है उस पर भी लिखा है कि यह डाटा सार्वजनिक सोर्स से लिया गया है | हालाँकि इस डाटा में नाम नहीं हैं जिससे किसी भी प्रकार की पुष्टि करना मुश्किल है |

इसके पूर्व भी चीन पर आरोप लग चुके हैं कि उसने मरीजों की संख्या सही नहीं बताई है | परंतु चीन ने दावा किया कि उसके द्वारा पहले ही सारे इंतज़ाम कर लिए गए थे और दवाइयां भी खरीदी गयी थी जिससे कोरोना को नियंत्रण में कर लिया गया |

 

GPS कोडिंग भी है दर्ज-

सेना के कारण ही चीन में कोरोना से निपटा जा सका है चाहे वो क्वारैंटाइन हो या फिर सप्लाई हर चीज़ में सेना ने बड़ी भूमिका निभाई है | ऐसी स्थिति में सेना ने जिस डाटा का इस्तेमाल किया है उसे विश्वसनीय कहना गलत नहीं है | शहरों के साथ साथ यहाँ मरीजों के स्थान के GPS कोड्स भी मौजूद हैं |

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