वह लोग शहीद नहीं War Criminals थे इसपर इतना शोक क्यों- Mahoor Parvez

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महूर परवेज़ जो जामिया मिलिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी की छात्रा है उन्होंने सोशल प्लेटफार्म पर एक विवादित पोस्ट किया है | इस लॉ स्टूडेंट ने हंद्वाडा में शहीद जवानों को वॉर क्रिमिनल कह कर संबोधित किया है | सोशल मीडिया में देश के जवानों को श्रद्धांजलि दी जा रही है और उनके प्रति लोगो की संवेदनाएं देखकर महूर परवेज़ ने कहा कि इन लोगों का इतना महिमामंडन किस लिए मैं इसे देखकर आश्चर्यचकित हूँ |

महूर की पोस्ट कुछ ऐसी थी- “ यह सब युद्ध के अपराधी यानि वॉर क्रिमिनल्स हैं इनको इतना सम्मान क्यों दिया जा रहा है | इन शक्तियों के द्वारा कश्मीर में सत्तर से अधिक वर्षों से मानवाधिकार का हर वक़्त उल्लंघन किया जाता रहा है | परंतु जो कश्मीर की आजादी के लिए बन्दूक उठाये वो आतंकवादी और ये लोग मर जाएँ तो शहीद | यह बात बिलकुल भी सही नहीं है” |

महूर ने इस पोस्ट को इंस्टाग्राम एवं अन्य सोशल मीडिया की साइट्स पर अपलोड किया था | परंतु जैसे ही ये फैलने लगा वैसे ही इसे हटा लिया गया | इसके स्क्रीनशॉट को आधार बनाते हुए लोगों ने इसपर कमेंट्स करना शुरू कर दिया |

परवेज़ द्वारा की गयी इस हरकत के बारे में खैतान & कंपनी को खबर लग गयी जहाँ परवेज़ इंटर्न के रूप में कार्यरत थीं | परंतु कंपनी ने परवेज़ के इस कथन से कन्नी काट ली और कहा हमे इसके बारे में कुछ नहीं पता और ना ही इससे हमारा कोई वास्ता है | वह हमारे लॉ विभाग में बस एक इंटर्न थी पर अब वह यहाँ काम नहीं करतीं |

इस्लाम के कट्टरपंथी महूर परवेज़ का खुलकर समर्थन करते नज़र आये | लोगों ने महूर को आतंकी बताया और कहा आपकी सोच उनसे (आतंकियों) से मिलती है और इसपर एक अरशद नाम के व्यक्ति ने ऐसा कहने वाले को गोबर बोल दिया |

दो दिन पहले आम लोगों की रक्षा के लिए अपने प्राण गंवाने वाले सैनिकों की चिता की आग ठंडी नहीं हुई कि इस्लामिक कट्टरपंथी कुकुरमुत्तों की तरह निकलकर उनपर हसने लगे हैं | यह उनकी मानसिकता को बखूब ही दिखाता है | परवेज़ द्वारा किये पोस्ट पर कमेंट करते हुए इन लोगों ने आतंकियों के एनकाउंटर को मानवाधिकार का हनन बताया और अपनी बात सही रखने के लिए कहा कि मानवाधिकार की बात सरकार से नहीं करेंगे तो फिर कहाँ करेंगे ?

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