ट्रंप सरकार चीन को दिखा सकती है (SWIFT) से बाहर का रास्ता- चीन सता रहा डर

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कोरोना वायरस को लेकर बिगड़े रिश्तों की वजह से अमेरिका चीन को एक के बाद एक झटके दे रहा है । अमेरीकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने छह देशों के विदेश मंत्रियों से बातचीत करके चीन पर दबाव बनाने की योजना बनाई है। हाल ही में उन्होंने हुआवेई सहित कुछ टेक्नोलॉजी कंपनियों के कुछ अधिकारियों पर वीजा प्रतिबंध लगाने की घोषणा की है । अमेरिका के नौ सांसद कांग्रेस में एक बिल लेकर आए हैं जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चीन पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार दे देगा । साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार अमेरिका के इस संभावित कदम को लेकर चीन में तनाव है क्योंकि, अब ट्रंप सरकार चीन को यूएस डॉलर सिस्टम से बाहर का रास्ता दिखा सकती है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बढेगा जोखिम-

हालांकि, सीसीपी के कुछ समर्थक यह भी मानते हैं कि अमेरिका चीन के खिलाफ उस तरह के कठोर कदम नहीं उठाएगा जैसे उसने ईरान और नॉर्थ कोरिया के खिलाफ उठाए हैं, क्योंकि इससे अमेरिका और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए जोखिम बढ़ जाएगा । गौरतलब हो कि, सोसायटी फॉर वर्ल्डवाइड इंटरबैंक फाइनेंसियल टेलिकॉम्युनिकेशन का इस्तेमाल दुनियाभर के बैंक वित्तीय लेनदेन की जानकारी देने और प्राप्त करने के लिए इस्तेमाल होता है।

जिसकी वजह से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश में अमेरिकी डॉलर की भूमिका अहम है। इस पेमेंट सिस्टम के जरिए व्हाइट हाउस अमेरिकी बैंकों को किसी व्यक्ति, संस्था या देशों से लेनदेन रोकने का आदेश दे सकता है । जानकारों के अनुसार चीन को इस बात का डर है कि यदि संबंध यूं ही बिगड़ते रहे तो अमेरिका बीजिंग पर हमले के लिए डॉलर आधिपत्य का इस्तेमाल कर सकता है।

चीन को लग रहा है डर-

चीन में यह डर ऐसे समय में फैला है जब हाल ही में अमेरिका ने उइगर मुस्लिमों पर अत्याचार और हांगकांग की स्वतंत्रता पर प्रहार करने की वजह से चीनी अधिकारियों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगा दिया है । उपरोक्त बिल के पास होने से ट्रंप को यह अधिकार मिल जाएगा कि, वह चीन को 60 दिनों के अंदर कोरोना वायरस पर जांच में सहयोग करने के लिए कह सकेंगे।

अमेरिका खुद इसकी जांच करेगा और ट्रंप को यह अधिकार होगा कि, वह चीन में चल रहे वेट बाजार को बंद करवा सकें। यदि चीन आनाकानी करता है तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उसके व्यापार की संपत्तियों को सीज कर सकते हैं। दूसरी ओर चीन लगातार कह रहा है कि, कोरोना वायरस वुहान की लैब से नहीं निकला है। उसका कहना है कि, यह वेट बाजार से निकला है। इसे लेकर अमेरिका की रणनीति है कि, जिस बाजार से चीन बार-बार कोरोना निकलने की बात कह रहा है उसे ही बंद करना पड़ेगा, क्योंकि 20 साल में इस बाजार से चार वायरस की उत्पत्ति हुई है।

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