राज्य सरकार करेगी किराये का भुगतान – Sonia Gandhi के बयान पर केंद्र की दो टूक

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जो श्रामिक दूसरे राज्यों में फसे हुए हैं उनको वापस अपने घर भेजने के लिए चलाई जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन्स पर सोनिया गाँधी ने बयान जारी किया था जिसका जवाब केंद्र सरकार ने दे दिया है | रलवे डिपार्टमेंट ने बताया कि श्रामिकों से केवल किराये का 15 प्रतिशत लिया जाएगा और इसका भुगतान भी राज्य सरकारों द्वारा किया जाएगा | सीनियर अधिकारी (रेल बोर्ड) ने बताया है कि ट्रेन की सुविधा को बढाने के पीछे का उद्देश्य सिर्फ इतना है कि फसे हुए मजदूर वापस अपने घर जा सकें | यह एक सीमित अवधि की छूट है जिसे लॉकडाउन के समय प्रदान किया जा रहा है |

सोमवार 4 मई को सोनिया गाँधी (कांग्रेस अध्यक्ष) ने बयान दिया था कि देश कोरोना के संकट से जूझ रहा है और ऐसे में केंद्र की सरकार गरीब मजदूरों से ट्रेन टिकट का भाड़ा ले रही है | इसके जवाब में एक बीजेपी नेता ने कहा कि कांग्रेस अपने आप को दोबारा जीवित करने में लगी है जबकि इस वक़्त उन्हें भी आगे आकर श्रमिकों की सहायता करनी चाहिए | इसी बीच म.प्र एवं बिहार से खबर प्राप्त हुई कि दोनों प्रदेशों की राज्य सरकारें अपने नागरिकों की टिकट का खर्च रेलवे को स्वयं प्रदान करेंगी | रेले अधिकारीयों की ओर से यह भी खबर आई कि 15 प्रतिशत किराया भी बस इसलिए लिया जा रहा है क्योंकि इसके ना लेने पर प्रोत्साहन यात्रा समाप्त हो सकती है |

अधिकारीयों ने यह भी बताया कि 85 प्रतिशत किराया रेलवे द्वारा वहन किया जा रहा है और ट्रेनों में सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए केवल 60 प्रतिशत लोग ही सफ़र कर सकेंगे | केंद्र सरकार ने भी राज्यों से आग्रह किया था कि आर्थिक पुनरुद्धार को देखते हुए ज्यादा लोगों को यात्रा के लिए तैयार नहीं किया जाए | इसी बीच राज्य सरकारों द्वारा केंद्र पर बनाये दवाब के चलते पहली ट्रेन झारखण्ड और तेलंगाना के मध्य संचालित की गयी |

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